भाजपा हरियाणा विधानसभा के अंदर और कांग्रेस और हरियाणा विधानसभा के बाहर कर रहे एक दूसरे की निंदा
कांग्रेस ने सदन का किया बहिष्कार सदन के बाहर चलाया पैरेलल सेशन

सत्य खबर हरियाणा
Haryana Assembly Special Session : हरियाणा सरकार की ओर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निंदा प्रस्ताव के लिए बुलाए गए विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र का कांग्रेस ने बहिष्कार कर दिया है। सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सुबह साढ़े 9 बजे चंडीगढ़ में विधायक दल की बैठक की, जिसमें फैसला लिया गया है कि कांग्रेस आज की सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होगी।

सदन के बाहर गैलरी में हुड्डा ने इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। कहा कि जिस विषय को सदन में लाया जा रहा है, वह विधानसभा से संबंधित नहीं है। राजनीतिक विषय लेकर सरकार आ रही है। इस निंदा प्रस्ताव के खिलाफ विधानसभा के बाहर सड़कों पर उतर कर विरोध करेगी। साथ ही सदन के बाहर कांग्रेस विधायक समानानंतर सदन की कार्यवाही चला रहे है। इसमें नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा, रघुबीर कादियान, प्रदेश अधक्ष राव नरेंद्र सहित सभी विधायक मौजूद है। कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद दो मिनट का मौन भी रखा। हुड्डा ने कहा कि जिस विषय को सदन में लाया जा रहा है, वह विधानसभा से संबंधित नहीं है। राजनीतिक विषय लेकर सरकार आ रही है।
सीएम नायब सैनी ने सदन की कार्रवाई शुरू होते ही कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को लेकर जो रवैया लोकसभा में रहा है, वही रवैया यहां पर भी देखने को मिला है। कांग्रेस का एक भी विधायक सदन में नहीं पहुंचा है। ये बेहद ही गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि कोई भी समाज तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं माना जा सकता जब तक महिलाओं को समान अवसर और अधिकार न मिलें। उन्होंने कहा कि हमारे गौरवशाली इतिहास में भी महिलाओं के अनेक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। हमारी बेटियों ने खेलों में पूरी दुनिया में बार-बार अपनी उपलब्धियां के झंडे गाड़ने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया, जिस कारण आज देश में लिंगानुपात में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा में लिंगानुपात 871 से बढ़कर 923 हुआ है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और सशक्त करने के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के 4 स्तंभों में एक स्तंभ के रूप में महिलाओं को भी शामिल किया गया है। लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया गया है।
महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश में 33 महिला थाने खोले गए हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के सम्मान का जो अभियान पिछले 12 वर्षों से चलाया वह वर्ष 2023 में अधिनियम के रूप में लाए थे। गत 16 और 17 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन में संशोधन विधेयक लाया गया। इस विधेयक के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण मिलना था। इस शुभ शुरुआत से पहले ही विपक्षी दलों ने विरोध कर काला तिलक लगाया। महिलाओं के विरुद्ध विपक्ष का चेहरा उजागर हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत का अधिकार मिलना था। हरियाणा कांग्रेस की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के समर्थन में आज का विशेष सत्र बुलाया गया लेकिन विपक्ष आज भी वॉक आउट कर गया। जिस प्रकार का रवैया केंद्र में विपक्ष के बड़े नेताओं का है वैसा ही रवैया हरियाणा कांग्रेस ने भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विपक्ष के लिए निंदा प्रस्ताव लाना चाहिए। यह कोई राजनीतिक प्रस्ताव नहीं बल्कि महिलाओं के प्रति हम सब की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने की भी अपील की।
क्रॉस वोटिंग करने वाले तीन विधायक सदन की बैठक में
सदन से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण पार्टी से सस्पेंड पांच विधायक शामिल नहीं हुए। इनमें नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी, सढौरा की रेनू बाला, पुन्हाना के मोहम्मद इलियास, हथीन के मोहम्मद इसराइल और रतिया के विधायक जरनैल सिंह शामिल हैं। हालांकि, जरनैल सिंह, रेणु बाला और शैली चौधरी सदन की कार्यवाही में शामिल हुईं।
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